ବୃତ୍ତି- ଅଧ୍ୟାପନା (ମହାବିଦ୍ୟାଳୟ ବର୍ଗ) ରୁଚି: ଲେଖିବା, ପଢିବା,ଗାୟନ ଓ ସଙ୍ଗୀତ ନିର୍ଦେଶନା।
इंसान हूॅं पढ़ा-लिखा हूॅं इसीलिए कुछ अलग सोच सकता हूँ आम आदमी की सोच से अलग कुछ हटकर कागज़-कलम ... इंसान हूॅं पढ़ा-लिखा हूॅं इसीलिए कुछ अलग सोच सकता हूँ आम आदमी की सोच से अलग ...
जवानी की उमंग है दिल में चल पड़े साकार करने सपने नौकरी नहीं-कहा गया मंदी जवानी की उमंग है दिल में चल पड़े साकार करने सपने नौकरी नहीं-कहा गया मंदी
पहाड से गिरता झरना भूक से तड़पता जानवर इनके साथ छेड़खानी मतलब खुद को आग में डालना है पहाड से गिरता झरना भूक से तड़पता जानवर इनके साथ छेड़खानी मतलब खुद को आग में ड...
भरोसा रखना है कबुद पे खुदको प्यार करो जी-जान आसमान तो कुछ भी नहीं आसमान से आगे लोगे बौनी उड़ान। भरोसा रखना है कबुद पे खुदको प्यार करो जी-जान आसमान तो कुछ भी नहीं आसमान से आगे...
रोना-धोना लड़कियों को सही हमे छाती पे पत्थर रखकर सबकुछ सामना करना है नहीं तो ये समाज कहेगा डरपोक ... रोना-धोना लड़कियों को सही हमे छाती पे पत्थर रखकर सबकुछ सामना करना है नहीं तो य...
हम जीवन तो जिते है... लेकिन क्या अपनी मर्जी से.? सुख-दुख पाते है, खुद से या किसी और से.? किसके हाथों... हम जीवन तो जिते है... लेकिन क्या अपनी मर्जी से.? सुख-दुख पाते है, खुद से या किसी...
बेटी के मन में हमेशा से यहीं बिठाया जाता है की, तुम पराई हाे, पराई हाे... बेटी के मन में हमेशा से यहीं बिठाया जाता है की, तुम पराई हाे, पराई हाे...
आ सकती है किसी की कोख में इस धरती को छूने के लिए आ सकती है किसी की कोख में इस धरती को छूने के लिए
पुलिस हो या नेता, जज या अभिनेता तरसते हैं अपना शरण में ले जाए जरूर एक बार ।। पुलिस हो या नेता, जज या अभिनेता तरसते हैं अपना शरण में ले जाए जरूर एक बार...
कोई नहीं है किसी का नज़र है सिर्फ अपने फूले हुए बटुए में। कोई नहीं है किसी का नज़र है सिर्फ अपने फूले हुए बटुए में।