हिन्दी पुस्तक लेखक।पर्यावरणविद।सामाजिक कार्यकर्ता।पब्लिक फिगर।आरटीआई कार्यकर्ता। सामाजिक राजनीतिकआर्थिकी विश्व घटनाओं पर रूचि कर लेखन कई साहित्यिक मंचों से जुड़े हैं।
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जलने वाले जलते रहे अपने हाल में मस्त रहें जो भी मन कर्म वचन से उद्धरण लिख रहे हो वास्तव वैसे ही लिखते रहें।।
अपनो से भिड़ेंगे लड़ेंगे तो दूसरे मैदान मार ले जायेंगे पारिवारिक जीवन में सुखद स्थिति का मुलमंत्रआपसी सहमति बना के रखिएगा।।
आप सिर्फअच्छे तब तक हैं जब तकआप द्वारा काम बनेंगा उल्लू सीधा होगा जैसे ही मतलब निकलाआपको पहचानेंगे ना ऐसे बहूतेरे दुनियां मेंआप मतलबी यार।।