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भटके रास्तो के मुसाफिर है हम ज़िन्दगी को जीने में माहिर है के कल तक पसन्दीदा चीज़ों कि लंबी चौड़ी लिस्ट हुआ करती थी अब जिसमे खुशी मीलजाये सुकून के दो पल पाने के लिए मरती हु