I'm Anwita Kumari and I love to read StoryMirror contents.
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ज़िंदगी तो राख है बस ऊपर-ऊपर आग है, दूसरों पर टिकती हैं जाके आँखें लेकिन यहाँ हर एक दामन पर दाग है..।। -#अन्विता की कलम