जज़्बातों में बिखरती हूं...तभी तो अल्फाज़ों में निखरती हूं।✍️
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"जीभ वो घोड़ी है, जिसकी लगाम अगर संभाली न जाए, तो वो मैराथन जीतने के बाद भी दौड़ती रहती है।" - सृष्टि बंसल
"जीभ वो घोड़ी है, जिसकी लगाम अगर संभाली न जाए, तो वो मैराथन जीतने के बाद भी दौड़ती ही रहती है।" - सृष्टि बंसल