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हर बार मेरा दुख बिन चिट्ठी-बिन तार तुमसे बात करता रहा। ये उस धागे की आत्मा ही थी शायद जो हमारे बीच क... हर बार मेरा दुख बिन चिट्ठी-बिन तार तुमसे बात करता रहा। ये उस धागे की आत्मा ही थी...