🌿जिंदगी एक📚 क़िताब है , औऱ उसके 📖पन्नों पर लिखना✍️ मेरा ख़्वाब है🍂🍁 ।😊
चांद सा चमकना और रेत सा फिसलना होता है क्या मुमकिन ? यूं बर्फ़ सा पिघलना। चांद सा चमकना और रेत सा फिसलना होता है क्या मुमकिन ? यूं बर्फ़ सा पि...
छिपा लेती कहीं उसे अगर वो आंसू न होता। छिपा लेती कहीं उसे अगर वो आंसू न होता।
हस्यपद तो है , मगर सत्य है एक रिश्ता अब पैसों से बन रहा है। हस्यपद तो है , मगर सत्य है एक रिश्ता अब पैसों से बन रहा है।
जिसके पार दूर - दूर तक सिर्फ़ धुंधला ही नज़र आता है । जिसके पार दूर - दूर तक सिर्फ़ धुंधला ही नज़र आता है ।
यूं ही मिटा दिए जाते हैं उनके निशान भी उसमे बाकी रह जाते हैं। यूं ही मिटा दिए जाते हैं उनके निशान भी उसमे बाकी रह जाते हैं।
वो इश्क़ कैसा जिसमें बिखरने का डर न हो। वो इश्क़ कैसा जिसमें बिखरने का डर न हो।
मेरे हक में नहीं तेरे दिल की जमीं , मेरे हक में नहीं तेरे दिल की जमीं ,
चांद के साये तले तो तारे भी चमक जाएंगे चांद के साये तले तो तारे भी चमक जाएंगे
वरना चौखट मे तेरे भी दस्तक सी हो रही है। वरना चौखट मे तेरे भी दस्तक सी हो रही है।
नाराजगी कैसी तुमसे मेरा हक नहीं तुम पर? नाराजगी कैसी तुमसे मेरा हक नहीं तुम पर?