JNV DAUSA, BA HONS & M.A.(ECONOMICS) @ UNIRAJ, IRTS(IAS,2013 BATCH)
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तुम बेवजह ही मुस्करा कर मिलना मुझसे मैं समझूंगा की इश्क़ मुकम्मल हो गया , एक रात ख़्वाब में जरा सा देख लेना मुझे मैं समझूंगा की इश्क़ मुकम्मल हो गया।
एक कदम उसके शहर में रखा, फिर ऐसा क्या भूचाल आया। मेरे शहर में हर तरफ उसके लोग थे, कुछ कत्ल किए कुछ मौन किए।।