मै एक अदना सा लड़का हूं, जिन्हें आप सबों से भरपूर प्यार और आशीष के आसार हैं।
आरव को बचपन से ही पेड़ पौधों का बहुत शौक था। आरव को बचपन से ही पेड़ पौधों का बहुत शौक था।
जो दुआ थी मेरी, उसका दिल तोड़ आया हूं मैं।। जिसे टूटकर चाहा जो दुआ थी मेरी, उसका दिल तोड़ आया हूं मैं।। जिसे टूटकर चाहा
अब वो ख्वाब भी लगते हैं बे फिजूल से जिसे मैंने पल पल देखा. अब वो ख्वाब भी लगते हैं बे फिजूल से जिसे मैंने पल पल देखा.
घर की बहुत याद सताती है, जब सजी- सजाई थाली तक कर देता है खुद से दूर। कैसा है ये फितूर। घर की बहुत याद सताती है, जब सजी- सजाई थाली तक कर देता है खुद से दूर। ...
पर मैं जब, सपनों से जागा!! सारे ख्याल जैसे नंगे पांव हो भागा इस भागमभाग की दुनिया में जीवन... पर मैं जब, सपनों से जागा!! सारे ख्याल जैसे नंगे पांव हो भागा इस भागमभाग की...
लड़कपन की थोड़ी सी मस्तियाँ समेटे दिलों में, मशीनों सी कामगार होते है लड़कपन की थोड़ी सी मस्तियाँ समेटे दिलों में, मशीनों सी कामगार होते है