@4jovkumf

Priyabrata Mohanty
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"शकल पे मत जा अक्ल जरा लगा 440 वोल्ट हूं मैं, छूना है मना, सीधा-साधा दिखता हूं धोखा मत खाना, मॉडर्न सॉन्ग नहीं, मैं तो क्लासिकल गाना ||"

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Submitted on 30 Jul, 2021 at 18:28 PM

आना-जाना खेल है पुराना बदलती रहेगा जमाना, पाना खोना सपनों में जीना रोते रोते हस के चलना ।। बड़ा विचित्र है ये कहानी ना कोई राजा ना कोई रानी, दो पल की है ये जिंदगानी काहे को तू करे मनमानी ।। 🌹प्रियव्रत🌹

Submitted on 11 Jul, 2021 at 03:10 AM

रिश्ते की डोर शायद इतनी पक्की नहीं थी, हवा के झोंकों से टूट गया !! इरादे इतने नेक नहीं थे, चिंगारी के आग से राख हो गया !! आत्महत्या कायरता की निशानी है, जो जंग से पहले मैदान छोड़ गया !! Rinku 💕 Priya

Submitted on 04 Jul, 2021 at 23:22 PM

କାହିଁକି କରୁ ଛନ୍ଦ କପଟ କି ଲାଭ ମିଳେ ତତେ, ଯାହା ସଞ୍ଚିଚୁ ଖାଇବ ଥେଣ୍ଟ ଯିବୁ ଯେ ଖାଲି ହାତେ ।। 💖ପ୍ରିୟବ୍ରତ💕

Submitted on 30 Jun, 2021 at 04:17 AM

କିଏ ଶୁଣିବ ଏଠି କାହା କଥା ସଭିଙ୍କର ଘୁରୁ ଥାଏ ମଥା, ମନ ପ୍ରାଙ୍ଗଣେ ଭରା ଥାଏ ବ୍ୟଥା, ନିଜ ଦୁଃଖ କହିବାଟି ବୃଥା ।। 💖ପ୍ରିୟବ୍ରତ💕

Submitted on 19 Jun, 2021 at 19:45 PM

किस बात की घमंड है तेरी छूटेगी यह सांसे, समय की चक्की से सारे अच्छे बुरे पीसे ।। जीवन के संघर्ष में कोई ना जीत पाएगा, जो था तेरा आज वह, कल और किसी का होगा ।। रिंकू 💕 प्रिय

Submitted on 17 Jun, 2021 at 18:56 PM

କେବେ ଶୁଣିଛ କି ସର୍ପ ଦଂଶନେ ଚନ୍ଦନ ହାରିଛି ଗୁଣ, କେବେ ଦେଖିଛ କି ବସନ୍ତ ପ୍ରବେଶେ ଉଜୁଡିଛି ଏଠି ବଣ ।। କ୍ଷଣ କୁ କ୍ଷଣ ଯେ ବଦଳାଏ ରୂପ ଜଗତରେ କେହି ନାହିଁ, ତୁମେ ଦେଖିଥିବ ବଦଳେ ମଣିଷ କାମନାର ପୂର୍ତ୍ତି ପାଇଁ ।। Rinku 💕 Priya

Submitted on 11 Jun, 2021 at 13:08 PM

ସବୁ ଅଙ୍ଗ ପ୍ରତ୍ୟଙ୍ଗ ହୁଅନ୍ତୁ ଅକର୍ମଣ୍ୟ ଯେବେ ରହିବ ପେଟରେ ଭୋକ, ହୁଅଇ ବୁଦ୍ଧିହୀନ ସର୍ବ ପ୍ରାଣୀ ଜଗତ ଚତୁର୍ଦିଗେ ଖେଳଇ ଶୋକ ।।

Submitted on 01 Jun, 2021 at 17:30 PM

वस्तुवादी दुनिया में आज भावना की कोई जगह नहीं, मुर्दों की शहर में मानवता की नाव क्या मिलेगा कहीं? (रिंकू 💕 प्रिय)

Submitted on 31 May, 2021 at 16:37 PM

प्रजातंत्र की राष्ट्र है मेरा जनता जनार्दन, भूख और प्यास से मरे इंसान किस बात की है यह प्रशासन ।। (रिंकू 💕 प्रिय)


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