|| Poetess || Writer || Motivational Speaker|| Love to write and describe the feelings of life. ♥️ My book अल्फ़ाज़े बयां [काव्य कोष] has been published in November 2018
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सुनाया करती है तन्हाई अक्सर उन तरानों को_ जिन्हें हम भूलकर भी अब तलक़ ना भूल पाये हैं।। -ज्योति किरण
बीती रात का सबब पूछती हैं कमल की पंखुड़ियाँ। मुझसे हर बात का मतलब पूछती हैं कमल की पंखुड़ियाँ।। ~ज्योति किरण