माणसांमध्ये रात्री फिरणारा तेजस्वी चंद्र मी, आकाशात तारे असुनही लक्ष वेधणारा शुक्र मी, झोपेचे सोंग करणारा अतिविचारी आभास मी, अन्यायाविरुध्द आवाज उठवणारा नवोदित कवी मी !
जब आप हमारे सपनों में आते हो, आप चांद का टुकड़ा लगते हो, जब आप हमारे सपनों में आते हो, आप चांद का टुकड़ा लगते हो,
देर रात तक हम उसी के बारे मैं सोचते हैं, और खिलौनों की तरह सपने टूट जाते है । देर रात तक हम उसी के बारे मैं सोचते हैं, और खिलौनों की तरह सपने टूट जाते है ।
जब भी शेर वापस आता है, अंधेरा भी भाग जाता है, जब भी शेर वापस आता है, अंधेरा भी भाग जाता है,
दिनभर सपनो के पीछे हम दौड़ते हैं, अख़िर असफलता हम पाते हैं! दिनभर सपनो के पीछे हम दौड़ते हैं, अख़िर असफलता हम पाते हैं!