I am post graduate in Hindi lit from Devi ahilya university Indore and ,B.Ed from kurukshetrs university hariyana ।I love writing a poems and reading also others great writers books and novels .
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पिता के बाद पति एक स्त्री का दूसरा पिता होता है। उसके सारे नखरे उठाने वाला, उसकी हर ख्वाहिश पूरी करने वाला , जिंदगी का एक अहम हिस्सा। होता है। छूट जाए यदि दुर्भाग्य से दोनों सहारे , तो दुनिया में कोई पूछने वाला भी नहीं होता है । भाई बंधु ,संतान या रिश्तेदार , मात्र औपचारिकता निभाते है। वास्तव में प्रेम करने वाला स्त्री को, पहले उसका पिता ,फिर बाद में उसका पति होता है।
कुछ तो है कानून में कमजोरी , और कुछ संस्कारों की कमी । मेरे देश की पीढ़ी के पैरों तले नहीं भारतीय आदर्शों की जमीन ।
कुछ तो है कानून में कमजोरी , और कुछ संस्कारों की कमी । मेरे देश की पीढ़ी के पैरों तले नहीं भारतीय आदर्शों की जमीन ।
कुछ तो है कानून में कमजोरी , और कुछ संस्कारों की कमी । मेरे देश की पीढ़ी के पैरों तले नहीं भारतीय आदर्शों की जमीन ।
कुछ तो कानून की कमजोरी , और कुछ संस्कारों की कमी । मेरे देश की नस्लों के पैरों तले खिसक चुकी है , भारतीय आदर्शों की जमीन ।
कुछ तो है कानून की कमजोरी , और कुछ है संस्कारों की कमी हमारे देश की पीढ़ी के पैरों तले नहीं आदर्शों की जमीं।
कुछ तो कानून की कमजोरी , और कुछ संस्कारों की कमी । मेरे देश की नस्लों के पैरों तले खिसक चुकी है , भारतीय आदर्शों की जमीन ।
कुछ तो है कानून की कमजोरी , और कुछ है संस्कारों की कमी हमारे देश की पीढ़ी के पैरों तले नहीं आदर्शों की जमीं।