I'm Dr Sangeeta and I love to read StoryMirror contents.
सुख की आस दिलाती है जीवन रस से है परिपूर्ण सुख की आस दिलाती है जीवन रस से है परिपूर्ण
कतरा-कतरा समेटती खुद को जोड़ती खुश हूं मैं कतरा-कतरा समेटती खुद को जोड़ती खुश हूं मैं
प्रकृति का नियम परीक्षा है अनवरत करते रहो प्रयास प्रकृति का नियम परीक्षा है अनवरत करते रहो प्रयास
जीवन पथ में आगे बढ़ती दो कदम कभी पीछे हटती थोड़ा ठहरती ,आत्मसात करती जीवन पथ में आगे बढ़ती दो कदम कभी पीछे हटती थोड़ा ठहरती ,आत्मसात करती
खासकर तुम्हारी टांग खींचने में। सारी सहेलियों खिलखिलाने लगी। खासकर तुम्हारी टांग खींचने में। सारी सहेलियों खिलखिलाने लगी।
जिस से अब तक हम ना मिले अब बस उसका ही इंतज़ार है।। जिस से अब तक हम ना मिले अब बस उसका ही इंतज़ार है।।
नीले सिंदूरी अंबर पर क्षितिज के उस छोर को तकना चाहती हूं नीले सिंदूरी अंबर पर क्षितिज के उस छोर को तकना चाहती हूं