लिखित और वाचन AMAN SINHA
Classics
नारी जीवन
नौकरी
दोस्ती
कम्बख़त ये वक़्...
जीवन साथी
बेग़ैरत
संगदिल
पहचाना सा एक ...
विदाई
भारत का फौजी
आक्रोष
वो सुहाने दिन
नफरत
एक तरफा मोहब्...