कलम बोलती है साहित्य समूह और स्टोरीमिरर द्वारा संयुक्त आयोजन कहानी लेखन प्रतियोगिता "सपनों की दुनिया"
कहते हैं सपनों की दुनिया सबसे अलग और अनोखी होती है, यहाँ हम कभी न होने वाले और कुछ आश्चर्य में डाल देने वाली घटनाओं को देखते और महसूस करते हैं,सिर्फ़ इतना ही नहीं कुछ सपने तो हमारी रोजमर्रा की जिन्दगी से जुड़े हुए होते है।
हम में से हर किसी ने कभी न कभी, कोई न कोई, अच्छा या बुरा या सब से अनोखा सपना देखा होगा ही, तो फिर देर किस बात की उठाये कलम और लिख भेजिये। अपने अनुभव और लेखन के सहयोग से एक सुंदर और दिल को छू लेने वाली या मनोरंजक कहानी... क्योकि अब कलम ✍️ बोलती है साहित्य समूह और स्टोरी मिरर संयुक्त रूप से लाया हैं एक सब से अनोखा आयोजन "सपनों की दुनिया"
नियम :-
1. यह आयोजन हर उम्र के रचनाकारों के लिए हैं, आयु की कोई सीमा नहीं है।
2. इस आयोजन में सिर्फ़ और सिर्फ़ गद्य - लेखन की विधा कहानी - लेखन ही स्वीकार्य हैं। कहानी की शब्द सीमा न्यूनतम 500 से लेकर जितनी कहानी की माँग हो उसके अनुसार लिखी जा सकती है।
3. एक प्रतियोगी सिर्फ़ एक ही रचना प्रतियोगिता के लिए भेज सकता हैं।
4. प्रविष्टि भेजने की समय सीमा 5 जून 2020 से 20 जून 2020 तक की ही हैं, इसके बाद भेजी गई प्रविष्टियां स्वीकार्य नहीं होगी।
5. आपकी रचना आपकी स्वंय की लिखी स्वरचित, मौलिक, अप्रकाशित और अप्रसारित होनी चाहिए।
6. आपकी रचना में किसी भी धर्म, जाति, सम्प्रदाय, लिंग या क्षेत्र के प्रति घृणास्पद अथवा आहत कर देने वाले शब्दों का समावेश नहीं होना चाहिए। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में सारा दायित्व प्रतिभागी के स्वयं का होगा।
7. कृपया प्रविष्टि भेजने से पहले रचना में व्याकरण एवं वर्तनी सम्बन्धी त्रुटियों की जाँच अवश्य करें।
8. प्रतिभागी अपनी नवीनतम फोटो के साथ अपना संक्षिप्त परिचय (व्यवसाय, पत्र - व्यवहार का पता और फोन नंबर) अपने स्टोरी मिरर के प्रोफाइल में अपडेट अवश्य करें।
9. प्रतियोगिता में विजेता का चुनाव "कलम ✍️ बोलती है साहित्य समूह" द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा।
पुरस्कार :
१. १० विजेताओं को स्टोरिमिरर की तरफ़ से २५० रुपये का गिफ्टवॉउचर के साथ डीजिटल सर्टिफिकेट दिया जायेगा।
२. २. उल्लेखनीय स्थान प्राप्त करने वाली २५ कहानियों का ई-बुक बनाने के साथ-साथ सभी को डीजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
नोट :- रचना केवल प्रतियोगिता के लिंक पर ही जाकर प्रेषित की जानी चाहिए।