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#नारी मूर्ति नहीं इंसान है

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हमारी समाज में स्त्री को प्रारंभ से ही पुरुष की अनुगामिनी के रूप में स्थापित किया गया है। कहीं विष्णु जी के चरण दबाती हुई लक्ष्मी का चित्रण मिलता है तो कहीं प्रेम समर्पित राधा का। कहीं हमें अग्नि परीक्षा देती देवी सीता मिल जाती हैं। 

हर कथा हर संदर्भ में स्त्री को, किसी पुरुष के साहचर्य द्वारा ही पूजित होने का अवसर मिला है ।एकमात्र देवी दुर्गा का स्वरूप ही ऐसा है जहां केवल और केवल नारी शक्ति की पूजा होती है। दुर्गा के रूप में स्त्री की नैसर्गिक शक्ति की पहचान मिलती है। 

नवरात्रि के समय देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है । जो वस्तुतः स्त्री के जीवन की एक झांकी होती है। हर स्त्री इन अवस्थाओं से गुजरती है। किंतु हमारे देश में स्त्री को लेकर इन विरोधाभासी विचारों को देख आश्चर्य होता है। 

यह समाज आखिर एक स्त्री को किस रूप में देखना चाहता है ?? समाज अपनी सुविधा अनुसार स्त्री को अपनी सांचे में ढालता रहता है। 

कन्या भ्रूण हत्या से लेकर अबोध बालिकाओं व युवतियों के साथ लगातार बढ़ रही बलात्कार और हत्या की घटनाएं समाज की दोहरी मानसिकता और मापदंड को दर्शाता है। बेटियों को संपत्ति में अधिकार देने की बात हो, विवाह का अधिकार हो या फिर पति द्वारा उन्हें सच्ची जीवनसाथी होने का मान क्यों नहीं दिया जाता है ??

स्त्री को देवी मानकर  पूजने के इस कर्मकांड की जगह उसे एक जीता जाता इंसान समझने की जरूरत ज्यादा है। उन्हें इन कर्मकांडों में उलझा कर उनके अधिकारों के हनन के इस षड्यंत्र को रोकना ही होगा। उपरोक्त बातों को ध्यान में रखकर काव्य ,कहानी विधा में आप अपनी रचनाएं सबमिट करें।


नियम व शर्तें :

●यह प्रतियोगिता हर आयु के रचनाकारों के लिये है। आयुसीमा कोई मायने नहीं रखती।

● प्रविष्टि भेजने की समय सीमा दिनाँक 20 अक्टूबर 2020 से 20 नवम्बर 2020 तक है। निश्चित अवधि के उपरान्त भेजी गयी प्रविष्टियों को प्रतियोगिता में समिल्लित नहीं किया जायेगा।

● आपके द्वारा भेजी गयीं रचनाएँ मौलिक होनी चाहिए। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में सारा दायित्व प्रतिभागी का स्वयं होगा।

● प्रतिभागी अपनी नवीनतम फ़ोटो के साथ अपना संक्षिप्त परिचय (व्यवसाय, पत्र व्यवहार का पता व दूरभाषक्रमांक सम्मिलित हो) अपने स्टोरीमिरर की प्रोफाइल में अवश्य अपडेट करें।

● यदि रचना किसी भी दूसरे लेखक की कॉपी की हुई पाई जाती है तो स्टोरीमिरर की वेबसाइट से उसे डीलिट कर दिया जाएगा।

● अपनी कहानी या कविता में वर्तनी व व्याकरण का विशेष ध्यान रखें। कहानी मौलिक होनी चाहिए, आप किसी अन्य की रचना की नकल नहीं कर सकते।

● शब्द संख्या रचनाकार के ऊपर है। हमारी तरफ़ से कोई प्रतिबन्ध नहीं है।

● 2 ही विधाओं में रचनाएं स्वीकार की जाएँगी। कविता या कहानी।

● एक रचनाकार कितनी भी रचनाएँ प्रेषित कर सकता है।


पुरस्कार:

● सभी प्रतिभागियों को स्टोरीमिरर की तरफ़ से 100रूपए का शाप वाउचर और डीजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

नोट: रचना केवल प्रतियोगिता के लिंक पर ही जाकर प्रेषित की जानी चाहिए। प्रतियोगिता में भागीदारी पूर्णतः निशुल्क है।






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