STORYMIRROR

शीर्षक-दर्पण...

शीर्षक-दर्पणा हे दर्पणा फारच तुझे उपकार न्याहळी रूप रे तुझ्या समोर चंद्रमासा अति सुंदर स्वरूप स्वेतवस्त्री शोभती ओठ नेत्र श्री सी.एच.बिसेन

By Chandanlal Bisen
 330


More marathi quote from Chandanlal Bisen
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments