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शीर्षक-दर्पण...

शीर्षक-दर्पणा हे दर्पणा फारच तुझे उपकार न्याहळी रूप रे तुझ्या समोर चंद्रमासा अति सुंदर स्वरूप स्वेतवस्त्री शोभती ओठ नेत्र श्री सी.एच.बिसेन

By Chandanlal Bisen
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