STORYMIRROR

यह हे की...

यह हे की वादिया तो काफ़ि आई,मुझे तुझसे दुर लेजाने के लिये... पर मे जरासी भी हिली नही, ये बवंडर तोड ना पाया मेरे प्यार को, मे तुझसे मोहोब्ब्त करती रही... -ऋतुजा महाजन

By Rutuja Mahajan
 24


More hindi quote from Rutuja Mahajan
0 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments