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वोह भी क्या...

“ वोह भी क्या दिन थे, हर किसके नाम से चेक करते थे फ्लेम्स, बीमार होने पर चलते थे दादी- नानी के नुस्के, पेंसिल के छिलको को संभालना, क्यूंकि उनको दूध में भिगो कर रबर जो होता था बनाना!! ”

By Ruchi Rachit Singla
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