STORYMIRROR

वक्त ने ...

वक्त ने ऐसी चोट दी कि अपनों से ही दूर हो गए हम, हवाओं ने भी कुरेदा है जमकर हमारा हर एक जख़्म, पुरानी यादों की चादर ओढ़कर बस जिये जा रहे हैं, खुशियां अब रास नहीं आती जिंदगी ने दिए इतने ग़म। मिली साहा

By मिली साहा
 528


More hindi quote from मिली साहा
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments