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वाद भी जाने...

वाद भी जाने क्यूँ हद से ज्यादा ही करती हूं मैं अपने मन से विवाद भी जाने क्यूँ हद से ज्यादा करती हूं मैं अपने मन से *संवाद* से महसूस होती हैं संवेदना "नीतू" को अपने मन की समझ से परा ,विश्वास से भरा प्रेम करती हूँ मैं अपने मन से। *नीतू राठौर नीतू*

By Nitu Rathore Rathore
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