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उफ्फ ये रात की...
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उफ्फ ये रात...
“
उफ्फ ये रात की खामोशी बहुत कुछ कहतीं है कोई सोता है सुकून से उस खामोशी में किसी को यें रातें रातभर तन्हाई में जगाती है ये खामोशी से भरी रातें अपने अंदर न जाने कितने राज़ छुपाती है
”
By
Rutuja kulkarni
31
हिंदी शायरी ✍
रातें
खामोशी
तन्हाई
हिंदी कविता
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hindi quote
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Rutuja kulkarni
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