STORYMIRROR

तुम्हारी...

तुम्हारी ख़ामोशी में, सवाल हजार होते है,जो मुझे खींचते जाते है। जो मुझे सताते है। तुम्हारी बातों में, दबी सी नाराजी, जो मुझे गुमराह करती है। हरबार हरा देती है। और मै हारती चली जाती हूं।

By Namita Meshram
 66


More hindi quote from Namita Meshram
27 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments