STORYMIRROR

ठोकरे खाकर...

“ ठोकरे खाकर संभलना सीखे है हम इसलिए चोट खाकर भी भूल जाते है। अब कोई भी चाहे आजमा ले मेरी कुब्बत, हर तरह के दर्द में लव मुस्कुराते है। #शर्माजी के शब्द ”

By प्रवीन शर्मा
 343


More hindi quote from प्रवीन शर्मा
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments