STORYMIRROR

सावन की...

सावन की पहली फुहार से मुस्कान आई धरा के अधरों पर। खिल उठी प्रकृति पाकर नवजीवन खिलखिलाए फूल जब गूंजे गूंजिता के स्वर। मिली साहा

By मिली साहा
 318


More hindi quote from मिली साहा
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments