STORYMIRROR

रिश्तो की...

रिश्तो की महफ़िल लेकर निकले थे सफर में कारवां छूटता गया और हम अकेले भटक रहे हैैं तन्हाई के मंज़र में।। मिली साहा

By मिली साहा
 266


More hindi quote from मिली साहा
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments