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रहें ना...

रहें ना रहें जहां में हंसते रहेंगे हम गुलों की तरह महकते रहेंगे हम कितने भी पतझड़ आए जीवन में फिर से बहार लाकर खिलते रहेंगे हम डॉ लाल थदानी #अल्फ़ाज़ _दिलसे 15.02.2022

By Dr Lal Thadani
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