STORYMIRROR

रेल्वे...

रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म की तरह हो गयी है जिदंगी एक प्रोब्लम गयी तो दूसरी आई बस फर्क इतना की प्लेटफार्म में पहले से जानकारी दी जाती है और जिन्दगी में कब कैसे कहाँ से कौनसी परेशानी आ जाए कुछ पता नहीं । ✍🏼 शिव पाण्डेय

By shiv pandey
 17


More hindi quote from shiv pandey
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments