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*पूजा* #पूजा...

*पूजा* #पूजा प्रेम का ही दुसरा रूप है, क्योंकि....प्रेम का सही मायने में अर्थ तभी है जब आप पाने और खोने के भावना से ऊपर उठ कर प्रेम की पूजा करने लगते हैं।। - तेजस्विनी कुमारी

By Tejaswini Kumari
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