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पचपन तक का सफर...
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पचपन तक का...
“
पचपन तक का सफर लड़कपन के जोश को देखकर अब हँसी आती है कभी हम भी ऐसे ही थे जिद्दी, किसी की ना मानने वाले बस अपने मन की करनी अब ख्याल आता है माँ-बाबा की बातों का उनकी दी गई सीख का जैसे हम अब समझ गए वैसे वक्त आने पर ये भी समझ जाएँगे...
”
By
Shashi Aswal
371
लड़कपन
मानसीजोशी
जिद्दी
माँबाबा
सीख
वक्त
समझदारी
पचपनतककासफर
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Shashi Aswal
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