STORYMIRROR

पैसों की...

पैसों की खनक आज अपनों से अपनों को कर रही है दूर, बदल रहे रिश्तो के मायने, ऐसा रिश्ता तोड़ने को कर रहा मजबूर।। मिली साहा

By मिली साहा
 539


More hindi quote from मिली साहा
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments