STORYMIRROR

नीलगगन ...

नीलगगन नारंगी रंग में धीरे-धीरे हो जाता परिवर्तित, सूर्यास्त का यह मोहक रुप मन कर देता प्रफुल्लित, फिर पीले रंग को धारण कर रात की चादर ओढ़ लेता, और फिर एक नई सुबह का हमसे वादा वो कर जाता।। मिली साहा

By मिली साहा
 602


More hindi quote from मिली साहा
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments