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ना जाने...
“
ना जाने कितने आज़ादी के मतवालों ने अपना लहू बहाया है तब जाकर स्वतंत्र भारत का यह सुंदर स्वप्न साकार हो पाया है सदा ऋणी रहेगा देश हमारा भूल ना सकेगा उनकी शहादत को जिन्होंने मातृभूमि के कण-कण को स्वतंत्रता का आभास कराया है। मिली साहा
”
By
मिली साहा
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आजादी
मातृभूमि
वीर सपूतों
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