STORYMIRROR

मनुष्य के...

मनुष्य के चाल धन से भी बदलती है और धर्म से भी। जब धन संपन्न होता है तब अकड़कर चलता है और जब धर्म संपन्न होता है तब विनम्र होकर चलता है।

By Keshav Bansal
 119


More hindi quote from Keshav Bansal
0 Likes   0 Comments
6 Likes   0 Comments
66 Likes   0 Comments
24 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments