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मनुष्य के...

मनुष्य के चाल धन से भी बदलती है और धर्म से भी। जब धन संपन्न होता है तब अकड़कर चलता है और जब धर्म संपन्न होता है तब विनम्र होकर चलता है।

By Keshav Bansal
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