STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
मन...
मन समंदर सोच...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
मन समंदर...
“
मन समंदर सोच की ये लहरें जज़्बातों के तूफ़ान में भला अब ये मन कैसे ठहरे ठहराव के उस पल में ज़ख़्म भी कई गहरे तू तो चला गया पार मेरे समंदर के मगर तेरी यादों के निशान अभी भी मुझमें ठहरे
”
By
Gaurav Dhaudiyal
46
स्टोरी
motivationpositivethinking
lifewithoutyourself
More
hindi quote
from
Gaurav Dhaudiyal
सब देखें
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
19
Likes
0
Comments
22
Likes
0
Comments
11
Likes
0
Comments
0
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App