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मैं हवा के...

मैं हवा के झोंके सी आज़ाद होना चाहती हूं कि बेड़ियों में बंध कर जीने से खौफ सा है मुझे। मैं मेहनत और लगन से कामयाब होना चाहती हूं, कि खैरात में मिली कामयाबी का कोई शौंक नहीं मुझे।

By Shivi Khurana
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