STORYMIRROR

मैं...

मैं हतप्रभ,धरा हतप्रभ,देख मनुज की नीति को, सद्बुद्धि से मुंह मोड़ा, अपनाया बस कुरीति को। सजल नयन से,विकल मन से,पल मैं वो निहार रही, जागे अब करुणा मनुज की,केवल ये मनुहार रही।। अरुणिमा बहादुर खरे

By Arunima Bahadur
 37


More hindi quote from Arunima Bahadur
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments