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मां स्वरूप...
“
मां स्वरूप इस प्रकृति के मक़रूज़ हैं हम सभी प्राणी, जो बदले में कुछ न मांगे,है वो सरल जीवन प्रदायिनी, फिर भी हम मनुष्य प्रकृति के अपार प्रेम को भुलाकर, निरंतर उसका हनन कर करते आए हैं अपनी मनमानी। मिली साहा
”
By
मिली साहा
112
प्रकृति
मनुष्य
मनमानी
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