STORYMIRROR

करते हैं...

करते हैं शैतानियांँ पर मन के होते सच्चे, तितलियों की तरह चंचल से होते हैं बच्चे, बिना सोचे कुछ भी करना कुछ भी कहना, बचपन के लम्हें सारे होते हैं कितने अच्छे।। मिली साहा

By मिली साहा
 130


More hindi quote from मिली साहा
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments