STORYMIRROR

" कर्म ही...

" कर्म ही हमारे जीवन का ताना-बाना है, जो साधक सच्चे गुरु को पाकर अपने कर्म को सुधार लेते हैं, वही महापुरुष कहलाते हैं, वही सच्चे सुख के अधिकारी होते हैं।"

By Neeraj pal
 352


More hindi quote from Neeraj pal
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments