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कई किताबों...

कई किताबों के ढ़ेर में मेरा किरदार आया हैं बाज़ार सजी है, खरीदार आया हैं कुछ रद्दी की ज़िद भी है कहीं जो हुआ है बेकार उसका खाविंद आया हैं -मयंक कुमार 17.01.'21

By Mayank Kumar 'Singh'
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