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खोल दे पंख...
“
खोल दे पंख मेरे, कहता है परिंदा,अभी और उड़ान बाकी है,जमीन नहीं है मंजिल मेरी,अभी पूरा आसमान बाकी है |
”
By
smrutirekha das
643
केहेता
मयुरपंख
आसमान
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hindi quote
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smrutirekha das
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