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" जंगली...

" जंगली जाति जंगल में प्रसन्न रहती हैं, पक्षी वृक्षों की खोतर व घोंसलों में खुश रहते हैं, किंतु मनुष्य महलों में रहता हुआ संतोष विहीन रहता है कारण कि वह अध्यात्म जीवन से विमुख हो रहा है।"

By Neeraj pal
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