STORYMIRROR

झूठ मक्कारी...

झूठ मक्कारी के हाथों सच्चाई कुचली जा रही है फिर कोई द्रोपदी आज सरेआम मसली जा रही है  दबंग और रसूख वालों का दबदबा है चारों तरफ  आम आदमी की जान मुफ्त में निकली जा रही है  सुप्रभात  🌹🌹🌹 हरिशंकर गोयल "हरि" 16.7.21 

By कवि हरि शंकर गोयल
 281


More hindi quote from कवि हरि शंकर गोयल
0 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments
24 Likes   0 Comments