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जहां...

जहां इंटेलेक्चुअल व्यक्ति अपनी अंतकरण की क्षमताओं ( सेन्सेस+नॉलेज) का उपयोग और विकास करने में प्रयासरत होते हैं. वही सन्यासी इस अंतकरण को संयम के बल से नियंत्रण में रखने की क्षमता बढ़ाता हैं.

By Yashwant Rathore
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