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इश्क का...

“ इश्क का मतलब ना समझ पाई कभी चांदनी, अस्तित्व है उसकी सूरज से... मगर पृथ्वी को दे बैठी वह अपनी प्रनय की रोशनी - Sharon Lasrado. ”

By Sharon Lasrado
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