STORYMIRROR

हिन्दी भाषा...

हिन्दी भाषा हमारा गौरव है इसे मस्तक पर तिलक के समान सजाना चाहिये। ये किसी एक अवसर अथवा तिथि की मोहताज नहीं अपितु हमारे अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों की भाँति प्रतिपल-प्रतिक्षण अनुकरणीय, पूजनीय और वंदनीय है। अंकिता भदौरिया

By Ankita Bhadouriya
 135


More hindi quote from Ankita Bhadouriya
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
7 Likes   0 Comments