STORYMIRROR

गिरा ले आंख...

गिरा ले आंख से कितनी भी तू मेरी क़ुरबत तू तर है मुझमे, दामन से तेरे महकूंगा तेरी ग़ज़ल मे मचलता है मेरा वजूद तू गुनगुनायेगा, लब पर मैं ही महकूंगा

By Dr Javaid Tahir
 37