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दशहरे पर...

दशहरे पर रावण का पुतला ही नहीं, मन के भीतर छिपे असली रावण को दहन करना है, स्त्री की ओर उठते हाथ ही नहीं, उसकी ओर बुरी नज़र से देखते हर इंसान को दफ़्न करना है।

By Ankita Bhadouriya
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